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Top 20+ Terms Of Affiliate Marketing In Hindi

क्या आप Affiliate Marketing करना चाहते हैं अगर हां तो आपको पता होना चाहिए कि Affiliate Marketing Terminology क्या है जो कि किसी भी Affiliate Marketer के लिए बहुत जरूरी होता है| So Guys आज इस आर्टिकल में आप जानोगे कि Affiliate Marketing Terminology क्या है तो चलिए शुरू करते हैं:-

Affiliate Marketing Terminology

Guys अगर आपने Decide किया है कि आप लाइफ में Affiliate Marketing Business करोगे तो आपको Affiliate Marketing Industry के कुछ Rules को याद रखना होता है| आपको पता होना चाहिए कि Affiliate Marketing में क्या-क्या चीजें होती है|

जिनको हम Affiliate Marketing Terminology का नाम दे सकते हैं| Guys Affiliate Marketing में बहुत सी ऐसी चीजें होती हैं जिनका अगर आपको पता हो और आप उनको अच्छी तरीके से Manage करते हो तो अवश्य ही आप एक सफल Affiliate Marketer बन सकते हो:-Terminology Of Affiliate Marketing

Top 20+ Terminology Of Affiliate Marketing

(1.)Affiliate Marketing:- Affiliate Marketing एक प्रकार का विपणन जो प्रदर्शन पर आधारित है।Affiliate Marketing में, सहयोगी को उत्पाद या सेवा को सफलतापूर्वक प्रचारित करने के लिए भुगतान किया जाता है।

Example:-उदाहरण के लिए एक Education Blog बनाने वाला व्यक्ति किसी Books Publish करने वाली कंपनी का सहयोगी हो सकता है जो उसे Blog पर Books Publish करने वाली कंपनी के Products अर्थात Books का विज्ञापन करता हो|

Affiliate Marketing एक ऐसा Business है जिसके अंतर्गत एक व्यक्ति किसी कंपनी के Products या Services को अपने Blog या YouTube Channel के माध्यम से या फिर किसी अन्य तरीके से Promote करता है|

जब लोग उस व्यक्ति के द्वारा Promoted Products को उसके Blog पर दिए गए Link पर Click करके खरीदते हैं तो उसके बदले में उस व्यक्ति को Commission प्राप्त होती है Read More.

(2.)Advertiser:-एक व्यक्ति या संगठन जो व्यवसाय का मालिक है और ग्राहकों को सेवाएं या उत्पाद प्रदान करता हैविज्ञापनदाता कंपनी होती है जोकि उन Products और Services को Manufacture करती है जिनको Affiliate Marketer के द्वारा Promote किया जाता है|

विज्ञापनदाता कोई व्यक्ति, कंपनी, फर्म हो सकती है जो अपने Products और Services की बिक्री को बढ़ाने के लिए उनको Promote करवाने के लिए Affiliate Marketer को कहती है और उसके बदले में एक निश्चित प्रतिशत के रूप में Affiliate Marketer को कमीशन देती है|

(3.)Affiliate Marketer:-Affiliate Marketer एक अकेला व्यक्ति या कोई कंपनी हो सकती है जो कि किसी अन्य कंपनी के उत्पादों और सेवाओं को प्रचारित करते हैं अर्थात Promote करते हैं| Affiliate Marketer आमतौर पर Publisher (Websites, Mobile Application Owners), मीडिया खरीदारों या विज्ञापन नेटवर्क होते हैं।

Affiliate Marketer वही व्यक्ति या कंपनी होती है जोकि कंपनी के उत्पादों और सेवाओं को प्रचारित करते हैंऔर उसके बदले में कमीशन प्राप्त करते हैं| Affiliate Marketer को कभी-कभी भागीदार और बाहरी People भी कहा जाता है

(4.)Affiliate Program:-Affiliate Program एक व्यवस्था होती है जिसमें विज्ञापनदाता सहबद्ध आयोगों का भुगतान करता है।कमीशन मॉडल आमतौर पर उपयोगकर्ताओं द्वारा किए गए कार्यों पर आधारित होता है। इसमें आमतौर पर लीड पीढ़ी, एक सेवा के लिए सदस्यता, आदि शामिल है।

विज्ञापनदाता उस प्रक्रिया में सहायता करने वाले उपयोगकर्ताओं के कार्यों और सहयोगियों को ट्रैक करने के लिए एक प्रदर्शन ट्रैकिंग सॉफ़्टवेयर का उपयोग करता है। कई सेवा प्रदाता अपने स्वयं के संबद्ध कार्यक्रम चलाते हैं, जिसका अर्थ है कि वे अपने लाभ को बढ़ाने के लिए स्वयं के लिए यातायात खरीदते हैं।

(5.)Affiliate Network:-Affiliate Network सहयोगी और विज्ञापनदाताओं के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है।Affiliate Network सहयोगियों को उनकी सूची के लिए उपयुक्त Affiliate Programs में आसानी से ढूंढने और भाग लेने की अनुमति देते हैं।

विज्ञापनदाता जो Affiliate Programs की पेशकश करते हैं, वे बड़े दर्शकों तक पहुंचने के लिए Affiliate Network के साथ काम करते हैं|संबद्ध नेटवर्क एक ऐसा संगठन है जो विज्ञापनदाताओं लागत और राजस्व के बीच अंतर पर लाभ कमाता है जिसे उन्हें सहयोगियों को भुगतान करना पड़ता है।

(6.)Proposal:- एक सेवा या एक उत्पाद का प्रचार।ऑफर Affiliate Managers द्वारा बनाए जाते हैं और आमतौर पर Payout मॉडल और विपणन मूल्यों के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी होती है। प्रस्ताव के लिए वैकल्पिक नाम अभियान है।

(7.)URL:-URL को हम Link का नाम भी दे सकते हैं यह वह Link होता है जिस पर Click करने के बाद Visitor Company के Products Page पर पहुंचेगा जहां से वह Product को Buy करता है और उसके लिए आपको कमीशन प्राप्त होती है|

हर कंपनी जिसके Affiliate Program में आप शामिल होते हो वह आपको एक Link Provide करवाती है जिसे आपको आपकी Website में लगाना होता है इसे Affiliate Link भी कहा जाता है|

(8.)Click Through Rate (CTR):-इसका मतलब उस Rate से है जो आपको आपके Visitors के द्वारा उस Link पर (जिसे आपने अपनी Website या Blog में लगाया हुआ है) पर Click करके प्राप्त होता है| इसे Short में CTR के नाम से जाना जाता है|

(9.)Commission:-कमीशन Affiliate Marketing की सबसे महत्वपूर्ण Term है क्योंकि Affiliate Industry Commission के ऊपर ही Based है क्योंकि कोई भी व्यक्ति किसी कंपनी के उत्पादों और सेवाओं को केवल तभी Promote करेगा जब उसे उसके लिए कोई Benefit प्राप्त होगा|

जब कोई आपके Blog पर जो Affiliate Link होगा उस पर Click  करके कंपनी का कोई Product खरीदता है तो उसके लिए आपको कमीशन प्राप्त होती है जो कि अलग-अलग Products पर अलग-अलग हो सकती है|

(10.)Commission Rate:-जैसा कि मैंने आपको कहा कि कमीशन अलग-अलग उत्पादों पर अलग-अलग हो सकती है तो Commission Rate भी Affiliate Marketing का एक अहम हिस्सा है जो कि Affiliate Program बनाते समय Affiliate Manager के द्वारा निर्धारित किया जाता है|

(11.)Tracking Link:-इसे Click Tracking Link भी कहा जाता है यह एक ऐसा Link होता है जिसके द्वारा Affiliate Program कंपनी या वह कंपनी जो Products को Manufacturer कर रही है|

वह Affiliate Marketer के प्रदर्शन को Track करती है कि किस समय किसी व्यक्ति के Affiliate Link पर Click करके कितने लोगों ने Products Purchase किया ताकि Affiliate Marketer को सही कमीशन मिल सके|

(12.)3rd Part Tracking:-यदि कोई Affiliate Program या Network किसी अन्य Affiliate Network के साथ संयुक्त रूप में काम करता है और यदि आपके Link जिसको हम Affiliate Link भी कहते हैं से कोई Sale Generate होती है तो Affiliate Software स्वचालित रूप से Affiliate पक्ष या तृतीय -पक्ष को उस Sale को Track करने के लिए सक्रिय कर देता है|

इसका Simple Meaning यह है कि यदि आप अपने Affiliate प्रदर्शन को Track करना चाहते हो तो उसके लिए आप 3rd Party Tracking Software का इस्तेमाल कर सकते हो|

(13.)AD Tag:-एक HTML Tag जिसका उपयोग विज्ञापन सर्वर से गतिशील रूप से उन्हें Blog में लगाकर विज्ञापनों को प्रदर्शित करने के लिए किया जाता है।कभी-कभी इसे विज्ञापन स्निपेट भी कहा जाता है।

(14.)Affiliate Manager:-Affiliate Manager वह व्यक्ति होता है जो Affiliate Programs बनाता है और उन Affiliate Programs को ज्यादा-से-ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करता है ताकि उनके Affiliate Program बनाने का उद्देश्य पूरा हो सके|

Affiliate Manager वह व्यक्ति होता है जो Affiliate Marketer के साथ Communication करता है और अगर Affiliate Marketer को Affiliate Marketing में कोई समस्या हो तो उस समस्या का निवारण करता है|

(15.)Referral Bonus Program:-यह एक ऐसा Program होता है जो कि Affiliate Marketer को प्रोत्साहित करने के लिए बनाया जाता है ताकि Affiliate Marketer ज्यादा-से-ज्यादा लोगों को किसी कंपनी के उत्पादों को खरीदने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित हो|

इस प्रकार के कार्यक्रम के अंदर एक Specific Time के अंतर्गत एक Goal पूरा करने के लिए दिया जाता है और यदि Affiliate Marketer उस Time के अंदर उस Goal को Fulfill कर लेता है तो उसे कमीशन के अतिरिक्त कुछ राशि Bonus के रूप में दी जाती है|

(16.) Landing Page:-Landing Page कंपनी का Product Page या फिर कोई अन्य Page हो सकता है जिस पर कि Affiliate Marketer Traffic को Redirect करता है|

जिस पर Visitor Affiliate Link पर क्लिक करने के बाद पहुंचता है और कोई Product Purchase करता है या फिर Service प्राप्त करता है| जिसके बदले में की Affiliate Marketer को एक निश्चित प्रतिशत में कमीशन दी जाती है|

(17.)Cost Per Acquisition:एक भुगतान मॉडल जिसके अनुसार विज्ञापनदाता अपने सहयोगियों को केवल बिक्री के लिए ही भुगतान करते हैं| इसमें इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कितने Visitors आपके द्वारा अपने Blog में दिए गए Affiliate Link पर क्लिक करते हैं इस मॉडल में केवल बिक्री को देखा जाता है

(18.)Cost Per Click (CPC):-यह एक ऐसा भुगतान मॉडल जिसके अनुसार विज्ञापनदाता अपने ऑनलाइन विज्ञापनों पर प्रत्येक क्लिक के लिए अपने सहयोगियों का भुगतान करते हैं। इसमें इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपके Affiliate Link से बिक्री हुई है या नहीं| इसमें केवल Link पर हुए Click को ही देखा जाता है|

(19.)Marketing Niche:Affiliate Marketing में Marketing Niche सबसे Important होता है जिस पर आपके Affiliate Marketing में सफल होना या ना होना निर्भर करता है| Marketing Niche का अभिप्राय उत्पादों की उस Category से है जिसे आप Promote करना चाहते हैं|

(20.)Atribution:- यह पहचानने की प्रक्रिया कि कौन से सहयोगी रूपांतरण चला रहे हैं।

(21.)Lead:- एक संपर्क जिसमें ग्राहक बनने की क्षमता है।

(22.)Search Engine Optimization:- खोज इंजन परिणाम पृष्ठों पर बेहतर रैंकिंग की प्रक्रिया। इसका उद्देश्य उच्च दृश्यता प्राप्त करना और वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक आकर्षित करना है Read More.

(23.)Traffic:- Traffic का मतलब किसी Website पर Visit करने वाले लोगों की संख्या है| इसका मतलब यह है कि जितना ज्यादा लोग आपकी वेबसाइट में विजिट करेंगे आपका ट्रैफिक उतना ही ज्यादा होगा और इसके विपरीत जितने कम लोग आपकी वेबसाइट पर विजिट करेंगे आपका ट्रैफिक उतना ही कम होगा|

अगर आपका ट्रैफिक ज्यादा होगा तो आपके प्रोडक्ट की बिक्री होने की अधिक संभावना होगी जिससे कि आपको अधिक लाभ प्राप्त होगा और इसके विपरीत यदि आपका ट्रैफिक कम है तो आपके प्रोडक्ट की बिक्री होने की संभावना कम रहेगी जिससे आपको कम लाभ प्राप्त होगा|

Affiliate Marketing Terminology Conclusion

So Guys I Hope Affiliate Marketing Terminology Article आपको पसंद आया होगा Affiliate Marketing Terminology को समझने में सहायक हुआ होगा|

अगर आप Affiliate Marketing Terminology Article  की तरह के Article पढ़ने में Interested है तो अभी Hindi Help Book Newsletter को Subscribe करें ताकि Hindi Help Book पर जब भी कोई Article Publish वह तो उसकी Notification सबसे पहले आपको मिल सके|

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